Stri Vashikaran Totke

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Vashikaran Tilak

मनुष्य कई आकाशगंगाओं की खोज कर चुका है। लेकिन जब भी मनुष्य अपने घर से निकलता है तो अपने माथे पर तिलक जरूर लगता है। इसीलिए इतनी प्रगति के बाद मनुष्य को यह विश्वास हो गया है की मंत्र सिद्धि के माध्यम से किसी को भी अपने वश में किया जा सकता है। क्योंकि वह सिर्फ तिलक नहीं होता उस तिलक में अचूक वशीकरण भी समाया होता है। आम भाषा में इसी को वशीकरण कहते हैं। वशीकरण से अभिप्राय है -“किसी को अपने वश में करना।“ वशीकरण तिलक का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। इसके द्वारा मनुष्य अपने दुश्मन को भी अपना मित्र बना सकता है, मनचाहा वर प्राप्त किया जा सकता है, अपने करियर में आ रही बाधाओं को दूर कर सकता है।

वशीकरण तिलकये तो हुआ तिलक द्वारा वशीकरण का अर्थ. अब जानते हैं की तिलक क्या होता है? तिलक अर्थात टीका, जिसे हम अपने माथे पर भौंहों के बीच में लगते हैं. भारत योग की नगरी है. आदिकाल से हमारे यहाँ योग का, कुंडलिनी क्रिया का महत्त्व रहा है. योग विद्या के अनुसार यह माना जाता है की दोनों भौंहों के बीच में आज्ञाचक्र पर तिलक करने से न सिर्फ ललाट की आभा बढ़ती है। बल्कि इससे मन मस्तिष्क में एक स्फूर्ति का संचरण भी होता है।

वशीकरण तिलक शब्द वशीकरण + तिलक से मिलकर बना है। अर्थात मन्त्रों द्वारा सिद्ध की गई विशेष सामग्री का तिलक के रूप में प्रयोग करके किसी को वश में करना या फिर अपना आकर्षण शक्ति को बढ़ाना।
अब सवाल यह उठता है की मनुष्य इस वशीकरण तिलक को आखिर क्यों प्रयोग करता है? इसके कई कारन हो सकते हैं। जैसे- किसी विशेष व्यक्ति को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए, किसी पार्टी में सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ताकि वह पार्टी में सबके आकर्षण का केंद्र बन सके. इसके माध्यम से किसी विशेष स्त्री या उरुष को मोहित भी किया जा सकता है। कुछ लोग इस वशीकरण तिलक का प्रयोग अपने रूठे मित्र को मनाने के लिए भी करते हैं. वशीकरण तिलक का इस्तेमाल संपर्क में आने वाले व्यक्तियों पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए भी किया जाता है।

वशीकरण में कई तरह की सामग्री प्रयोग में लाई जाती है. उदाहरणार्थ :
१. शुद्ध सिन्दूर
२. शुद्ध केसर
३. शुद्ध गोरोचन

इन सबको बराबर भाग में मिलाकर एक चांदी की डिब्बी में रख लिया जाता है। फिर सूर्यौदय के पश्चात इस डिब्बी में से तिलक लगाना चाहिए। आप यह तो जान गए होंगे की तिलक लगाने की सही जगह है – “दोनों भौंहों के बीच में -‘आज्ञाचक्र’ “.

आप इस वशीकरण तिलक को घर पर ही बना सकते हैं| इसके लिए हम आपको नीचे कुछ तरीके बताएंगे जिसके इस्तेमाल से आप घर पर ही वशीकरण तिलक को बना सकते हैं। तो जानते हैं कैसे बनाते हैं वशीकरण तिलक और वशीकरण का इस्तेमाल कैसे करते हैं|

  • वशीकरण तिलक को बनाने के लिए आपको थोड़ा सा सिंदूर लेना है, थोड़ा केसर लेना है और थोड़ा शुद्ध गोराचन लेना है|
  • इन सब को अच्छे से मिलाकर एक चांदी के डब्बे में रखना है छोटी सी डिब्बी भी ले सकते हो।
  • इस तिलक का प्रयोग रोज सुबह करना है यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि तिलक हमेशा आपके माथे के मध्य ललाट में लगाना चाहिए|

जाने कैसे वशीकरण तिलक का उपयोग हिन्दू परंपरा में बढ़ा ?

जैसा की तिलक से तो आप परिचित हो चुके होंगे तथा इसका अनुभूत प्रयोग किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए होता है। हिंदू परंपरा में ललाट पर तिलक लगाने के कई तरीके बताए गए हैं, तो इसे सुख-शांति देने, गौरव, आत्मविश्वास, आत्मबल व मान-सम्मान बढ़ाने तथा मन को एकाग्र करने के अतिरिक्त वशीरकण या सम्मोहन का अचूक प्रभाव देने वाल भी बताया गया है। आधुनिक जीवनशैली और तकनीक के सहारे जीवन को सहज-सरल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही अत्यंत प्राचीनकाल से चली आ रही हल्दी, रोली, चंदन, सिंदूर, केशर, भस्म आदि से तिलक लगाने की परंपरा के पीछे की छिपी भावनात्मक महत्व को समझने की जरूरत है।

वशीकरण तिलकस्त्री-पुरुष सभी के द्वारा लगाया जाने वाला तिलक मनोवैज्ञानिक प्रभाव और वैज्ञानिक आधार समेटे हुए है। इसमें धार्मिक कार्य की उपयोगिता और महत्ता निहित है। इसमें विजयोत्सव के भाव हैं। यह तिलक शुभकामनाओं और शुभ संकेतों का प्रतीक है। इसमें सामने वाले को सम्मोहित करने की अद्भुत क्षमता है।
तिलक लगाने वाला व्यक्ति सात्विक भावना से भरा रहता है, जिसपर देवी-देवताओं की विशिष्ट कृपा बनी रहती है। विभिन्न पर्व-त्यौहारों, धार्मिक तीर्थस्थलों, विशिष्ट आतिथि सत्कार, धार्मिक अनुष्ठानों, शुभ-संस्कारों और पूजा-पाठ के कार्य इसके बगैर संपन्न नहीं होते हैं। इसके प्रभाव में आया हुआ व्यक्ति आध्यात्मिकता और आत्मीयता की ओर अग्रसारित हो जाता है। एक तरह से यह तीसरे नेत्र के प्रतीक के रूप में बेहद चमत्कारी प्रभाव वाला है।

किसी व्यक्ति को सम्मोहित करने के अनेक उपायों में तिलक से वशीकरण करने के विविध तरीके बताए गए हैं। ऐसी मान्यता है कि इसके द्वारा कठोर से कठोर दिल के इंसान को भी अपनी इच्छा के अनुरूप वश में किया जा सकता है।

जाने – वशीकरण टोटके आपकी ज़िन्दगी में क्यों है ज़रूरी ?

तिलक के सम्मोहन में वह शक्ति है, जिससे रूठा हुआ व्यक्ति भी अपनी सारी नाराजगी और शिकायतों को भूलकर नए सिरे से सकारात्मक भावना के साथ जुड़ जाता है। यह कहें कि तिलक में सामने वाले व्यक्ति के मन को मोहित करने की अद्भुत क्षमता होती है।

तिलक से वशीकरण के उपाय को जादू या मंत्र-तंत्र से अभिमंत्रित टोना-टोटका कहना सही नहीं होगा। लेकिन हाँ बोहोत सी जगह जहाँ काले जादू का प्रयोग किया जाता है वहां तिलक का प्रयोग करना भी जरूरी है।
इसमें संपूर्ण वैज्ञानिकता है और इससे तिलकधारी की प्रबुद्धता उभरकर सामने आ जाती है। आध्यात्म के नजरिए से मस्तिष्क के ठीक बीचो-बीच ‘आज्ञा चक्र’ बना हुआ है। जबकि विज्ञान के अनुसार दिमाग में सेराटोनिक और बीटा एंडेर्फिन रसायन का होने वाला संतुलित स्राव ही मन को उत्साहित कर सकारात्मक बनाता है। मन के विज्ञान को प्रभावित करने वाले तिलक उपायोग के प्रयोग विधि काफी सरल है।

आप हमारे स्त्री वशीकरण टोटके विशेषज्ञ से जाने की वशीकरण तिलक का प्रयोग सावधानी से कैसे किया जाए। क्योंकि इस संसार में हर वास्तु का नेगेटिव इफ़ेक्ट होता है तो इसका भी होना लाज़मी है। तो जरा संभलकर तथा बिना विशेषज्ञ की जानकारी से इसका उपयोग आपकी ज़िन्दगी को तबाह कर सकता है।

Updated: February 12, 2018 — 1:51 pm

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